Hanuman Chatti Temple information in Hindi : हनुमान चट्टी मंदिर इतिहास और मन्दिर से जुड़ी पूरी जानकारी-

Hanuman Chatti Temple :- आज का यह लेख उत्तराखंड राज्य के हनुमान चट्टी मंदिर पर आधारित हैं. यह एक ऐतिहासिक हनुमान मंदिर है. जिसका सम्बंध ramyana काल और महाभारत काल में भी वर्णन मिलता है.

Hanuman Chatti Temple information in Hindi : हनुमान चट्टी मंदिर इतिहास और मन्दिर से जुड़ी पूरी जानकारी-

उत्तराखंड केदारनाथ हरिद्वार जाने पर्यटक अक्सर इस हनुमान मंदिर में जाते हैं वँ बजरंग बली के इस चमत्कारी मन्दिर में कुछ समय व्यतीत करते हैं.तो आइए जानते हैं विस्तार से इस is hanuman chiranjeevi मंदिर के बारे में-

हनुमान चट्टी मंदिर, उत्तराखंड Hanuman Chatti Temple Uttrakhand

हनुमान चट्टी मंदिर, उत्तराखंड Hanuman Chatti Temple Uttrakhand

हनुमान चट्टी मंदिर भारत के उत्तराखंड राज्य के गंगा और यमुना नदियों के संगम पर प्रसिद्ध उत्तरकाशी में स्थित है. यह Hanuman Chatti Temple हिन्दुओ का पवित्र तीर्थ स्थल यमुनोत्री धाम से करीब 13 किलोमीटर पहले ही स्थित हैं , Hanuman Chatti Temple मन्दिर श्री राम भक्त हनुमान जी को समर्पित Hanuman Chatti Temple हैं जो कि उत्तरकाशी जैसी ख़ूबसुन्दर औऱ शांत जगह पर समुद्र तल से 2,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं.

जहा से ऋषिकेश धाम की दूरी 286 किलोमीटर हैं.औऱ इस hanuman chatti temple से दो लैंड्स कान जोशीमट से 34 किलोमीटर की दूरी पर हैं. तथा बद्रीनाथ मंदिर लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं. इस Hanuman Chatti Temple के आसपास का वातावरण काफी शांत वँ सुंदर हैं. जिसे देखकर किसी भी सैलानी का मन वहां कुछ पल ठहरकर व्यतीत करने का होता है.वैसे तो यह मंदिर भव्य वँ विशाल नहीं है.

लेकिन hanuman temple hours के आस पास प्राकृतिक सुंदरता औऱ प्रकृति का अद्भुत नजारे देख आप पल भर में मोहित हो सकते है. हनुमान चट्टी मन्दिर उत्तरकाशी के एक छोटे से गांव के मुख्य मुहाने पर स्थित है. जहा पर्यटकों को रहने औऱ घूमने फिरने के लिए पर्याप्त मात्रा में आवास और ग्रामीण इलाकों का अनुभव करने के लिए एक आदर्श स्थान है।

वैसे यह Hanuman Chatti Temple जिस गांव में स्थित हैं .उसी गढ़वाल घाटी  हिमालय में हनुमान चट्टी के एक ही नाम से दो गाँव हैं। यह मंदिर यमुनोत्री धाम पर स्थित है. जबकि दूसरा बद्रीनाथ मंदिर तक है.और इस कारण कई बार पर्यटकों को भटक जाना पड़ता है. हालांकि इस मंदिर कद का छोटा दिखता है .लेकिन यह बहुत ही सुंदर मन्दिर है.  और इसके पीछे एक प्रभावशाली पौराणिक इतिहास है।

इस मंदिर को लेकर हिन्दू पौराणिक कथाओं में यह वर्णन है कि द्वापर युग में पांडव पुत्र जब 12 वर्ष के वनवास पर थे, तब भगवान श्री हनुमना ने पांडव पुत्र औऱ युधिष्ठिर के छोटे भाई भीम को गले लगाया था और उनके अहंकार को कुचल दिया था।Hanuman Chatti Temple

हनुमानचट्टी गांव में दूर- दूर से यात्रियां आती है क्योंकि यह क्षेत्र एक लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थल भी ह. यमुनोत्री के अलावा हनुमानचट्टी का सबसे अच्छा ट्रेकिंग भ्रमण दरवा टॉप और डोडी ताल की ओर है.

पहले हनुमानचट्टी तक पहुँचने के लिए ट्रेक का शुरुआती स्थान हुआ करता था, लेकिन अब जीप योग्य सड़कें बनी हुई हैं, इस प्रकार यह दूरी 7 किलोमीटर कम हो जाती है। हनुमान चट्टी hanuman temple near me timings से जानकी चट्टी एक नई बनी सड़क है.  जो आपकी यात्रा को छोटा कर देगी लेकिन ट्रेकिंग एक अच्छा और यादगार अनुभव है।

• मन्दिर का पौराणिक कथा ancient hanuman temple

हिन्दुओ का धार्मिक ग्रन्थ महाभारत के अनुसार – भीम अपनी ताकत और शक्ति के लिए प्रसिद्ध पांडव भाइयों में से एक थे। एक दिन जब भीम इस रास्ते से गुजर रहे थे, तो उन्हें रास्ते में एक बूढ़े बंदर का सामना करना पड़ा। भीम के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने के कारण उनकी पूंछ फैल गई थी।Hanuman Chatti Temple

भीम ने पूंछ को हटाने के लिए पुराने बंदर से कई बार अनुरोध किया लेकिन बंदर ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह बहुत बूढ़ा है. और रास्ता देने के लिए थक गया है। इस कारण भीम क्रोधित हो गए और मामले को अपने हाथों में लेने का फैसला किया और खुद से बंदर की पूंछ को हिलाना शुरू कर दिया।Hanuman Chatti Temple

जब कई प्रयासों के बाद भी पूंछ नहीं हिला , तो भीम को आश्चर्य हुआ और महसूस किया कि यह कोई साधारण बंदर नहीं था। फिर उसने विनम्रतापूर्वक बंदर से अपनी असली पहचान प्रकट करने का अनुरोध किया। यह तब है जब भगवान हनुमान, जो भगवान राम के समर्पित शिष्य हैं, ने उन्हें अपना मूल रूप दिखाया और इस तरह इस जगह को हनुमानचट्टी के नाम से जाना जाता हैं ।

हनुमान चट्टी bal hanuman temple के अलावा भी भगवान हनुमान उत्तराखंड के कई स्थानों पर उनकी रामायण और महाभारत काल की आज भी हनुमान 3 anjaneya temple स्थित है जो निचे दिए गए हैं।

देवप्रयाग hanuman temple श्री हनुमान गुफा

hanuman chatti mandir अलकनंदा नदी और भागीरथी नदी के संगम पर मौजूद देवप्रयाग के संगम के पास में ही पहाड़ी पर एक छोटी सी गुफा है. और इस प्रचानी गुफा को वहा के लोग साधु संत श्री हनुमान गुफा के नाम से जानते है. और यह कहा भी जाता हैं कि त्रेता युग में हनुमान जी देवप्रयाग में पवित्र स्नान करने के बाद इसी स्थान पर भगवान श्री राम का ध्यान किया.Hanuman Chatti Temple

जोशीमठ hanuman temple हनुमान से संबंध

रामायण काल में जब भगवन श्री राम और रावण के बीच युद्ध हो रहा था तो उस समय लक्ष्मण जी को मूर्छा लग गई थी तब भगवान श्री राम के कहने पर भगवन श्री हनुमान जी ने संजीवनी बुटी की ख़ोज पर निकल पड़े थे.Hanuman Chatti Temple

और जब रावण को इस बात की जानकारी हुई तो रावण ने कालनेमी नाम के एक राक्षस को हनुमान जी के पीछे भेज दिया था उनका वध करने के लिये. और एसा कहा जाता है कि वह स्थान जोशीमठ के समीप स्थित हैं जहा पर कालनेमी राक्षस का वध हनूमान जी ने किया था और अब इस स्थान पर हमेशा कीचड़ रहता है तथा पानी लाल रहता है.chintamani hanuman temple

द्रोणगिरी गांव

hanuman ji temple connaught place यह उत्तराखंड राज्य का एक ऐसा गांव हैं जहां हनुमान जी का नाम तक नहीं लिया जाता है. और द्रोणगिरी गांव में होने वाली हर साल दशहरा पर तीन दिन की रामलीला के किसी भी प्रसंग में हनुमान जी नाम मंचन नहीं होता  लक्ष्मण जी को जब शक्ति बाण लगी तब हनुमान जी इसी द्रोणगिरी गांव में पहुंचे हुए थे और तब वहां के लोगों से उन्हे ने संजीवनी बूटी के बारे में पूछा.

और एसा कहा जाता है कि गांव वालों ने तब हनुमान जी की कोई सहायता नहीं की. तब हनुमान जी दुखी होकर कई बार गांव वालों से पूछते रहे लेकिन गांव के लोगो ने कोई जानकारी नहीं दी थी. जिसके बाद गांव की ही एक बुढ़िया ने उस रात को हनुमान जी को ऊँगली से इशारा करते हुए संजीवनी बूटी का जगह बताई थी। और जब हनुमान जी उस स्थान पर पहुंचे तो तो वे संजीवनी बूटी को पहचान ही नही पाए।is hanuman called balaji

जिसके बाद हनुमान जी ने गांव वाले से पुछा तक नहीं और उन्होंने द्रोण पर्वत का दाहिना हिस्सा ही तोड़ दिया तथा अपने साथ श्री लंका ले गये और इसी बात से उस गांव के लोग तब से अब तक नाराज हैं और एसा कहा जाता हैं कि उस गांव के लोग द्रोणपर्वत को आराध्य के रूप में पूजते थे।onti hanuman temple hubli

औली का lord hanuman temples हनुमान मंदिर

उत्तराखंड के औली में स्थित हनुमान मंदिर hanuman chatti temperature के बारे में एसा कहा और बोला जाता है कि जब भगवन श्रीहनुमान जी संजीवनी बुट्टी लेने के लिए द्रोणगिरी पर्वत की ओर जा रहे थे तो उन्हों ने इस पवित्र स्थान पर विश्राम करने के लिए लिये रुके थे. जहां पर आज एक भगवान श्री राम के भक्त हनुमान का मंदिर है जहां देश भर से लोग बड़ी श्रद्धा से पूजा अर्चना करते हैं.

हनुमान चट्टी कब जाएं Hanuman Chatri Temple Kab jaye

vant hanuman temple हनुमान चट्टी जाने का सबसे अच्छा समय गर्मियों के मौसम होता है. इस दौरान बड़ी संख्या में यात्री और भक्त मई से अक्टूबर तक हनुमान चट्टी जाते हैं. यदि आप कभी  हनुमानचट्टी की यात्रा पर जाएं तो आप वहां के आयुर्वेदिक में दवाओं, रेनकोट और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर सकते हैं।

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आज का यह लेख old hanuman temple भगवान हनुमानजी को समर्पित Hanuman Chatti Temple हनुमान चट्टी मन्दिर, पर है hanuman temple cheruthazham जो उत्तर काशी उत्तराखंड में स्थित हैं. Hanuman Chatti Temple के बारे में यह जानकारी आपको कैसा लगा।आप अपने विचार अवश्य कमेंट बॉक्स में करे।

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