kakolat waterfall 2024: ककोलत जलप्रपात ,बिहार के बारे में पुरी जानकारी, कब और कैसे जाएं जानें-

kakolat falls news today 2024: काकोलत वाटरफॉल बिहार राज्य के नवादा जिला में स्थित है जो कि एक विहार का लोकप्रिय झरना तथा एक टूरिस्ट स्पॉट भी है.यह झरना एक बड़ी पठार काकोलत  पहाड़ी पर स्थित है. आपको बता दें कि kakolat waterfall लगभग 150 फुट की ऊंचाई से धरती पर नीचे गिरता है जहा पर एक शानदार जलाशय बना हुआ है. तीर्थ यात्री काकोलत झरना के साथ साथ जलाशय को भी बड़ी ही आसानी से देख सकते हैं और उसमे जा कर ठंडे पानी का आनंद भी ले सकता है. ज्यादातर लोग झरने के नीचे खड़े होकर ही झरने और जलाशय का को आनंद लेते हैं.

kakolat waterfall : ककोलत जलप्रपात ,बिहार के बारे में पुरी जानकारी, कब और कैसे जाएं जानें-

यह झरना आपको शीतल जल का झरना है। जिसे हम अपने लेख में आपको विस्तार से kakolat ke jharna के बारे में बताया हैं। आज आप सबको बिहार के सबसे प्रसिद्ध और पौराणिक कथाओं से जुडी बिहार का एक मात्र प्राकतिक झरना ककोलत जलप्रपात Kakolat  falls, kakolat waterfall story के विषय में बताऊंगा, जिसे बिहार का कश्मीर भी कहा जाता है तो आइए जानते हैं- इस जलप्रपात के बारे में विस्तार से-

ककोलत जलप्रपात नवादा ,बिहार kakolat waterfall Bihar in hindi

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kakolat waterfall about 2024 : यह जलप्रपात भारत के बिहार राज्य के नवादा जिले से 40 km दूर स्थित हैं. इस झील को बिहार का कश्मीर भ कहा जाता हैं. ककोलत जलप्रपात बिहार वं झारखंड दो अलग राज्य बन जाने के कारण यहबिहार का एकमात्र जलप्रपात हैं.जहां पर्यटक साल के अप्रैल माह से लेकर सितम्बर माह अक्टूबर तक भारी मात्रा में आते हैं. इसे सुरमई जलप्रपात भी लोग कहते हैं.

इसका जल सालों भर ठंडा रहता है.यह जलप्रपात गुलाम भारत में बिहार में रह रहे अंग्रेजों के लिए मुख्य पर्यटक स्थल होता था, खास कर गर्मियों के दिनों में। यह झील आपको सात अलग अलग पर्वत श्रृंखलाओं से प्रवाहित होने वाला एकमात्र प्राकृतिक एक सुंदर जलप्रपात हैं .

ककोलत जलप्रपात एक मझोला जलप्रपात हैं,इसकी पूरी ऊंचाई kakolat falls distance 150 से 160 फिट तक है.इस जलप्रपात को प्राकृतिक रूप से देश का सबसे अलग औऱ अकेला जलप्रपात माना जाता है। यह जलप्रपात देखने में अत्यंत ही सुंदर औऱ आकर्षक है. इसका जल अत्यंत ठंडा रहता है जिसे बिहार जैसे राज्य में गर्मी के मौसम हजारों लोग आते है।इस झील का नाम ककोलत जलप्रपात इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां पूर्वकाल में कोल जाति के लोग निवास  करते थे।

ककोलत जलप्रपात kakolat waterfall current status 2024 नवादा बिहार,झरना का ऐतिहासिक तथ्य वैसे तो यह ककोलत जलप्रपात बहुत ही पौराणिक कथाओं में जिक्र है लेकिन आधुनिक युग में इस जलप्रपात को पहली बार आदिवासी समुदाय के लोगो के सहयोग से वर्ष 1811 में अंग्रेज अधिकारी फ़्राँसिस बुकानन ने इस जलप्रपात को देखा था। तब ऐसा उसने अपने किताब में इसका जिक्र करते हुए लिखा था कि वह गर्मी से परेशान हो गया था, और तभी उसे इस जलप्रपात की जानकारी मिली थी।

तब से यह जलप्रपात अंग्रेजों के लिए गर्मी के मौसम में ठंडे पानी का आनंद लेते थे. उस वक्त यह झील काफी गहरी थी जिससे एक अंग्रेज दुब गया और मर गया था।तभी एक अंग्रेज अधिकारी ने यह आदेश दिया था कि इस जलप्रपात में जो भी व्यक्ति स्नान करने आएगा तो वह सर्वप्रथम एक या दो पत्थर अवश्य फेकेगा, फिर स्नान करेगा।

जिससे की इसकी गहराई कम हो सके।उसके बावजूद भी प्रयाप्त सुविधा न होने के वजह से इस जलप्रपात में हजारों लोग मर चुके हैं ।kakolat waterfall open today 2024

भारत सरकार द्वारा सन 1994 में kakolat waterfall hindi में भारी मात्रा में पत्थरों से भर इसकी गहराई को कम कर दिया गया है और लोगों के मन से डर को हटा दिया गया है।जिससे लोग इसमें आराम से स्नान कर सकें। तब से इसका आकर्षण और बढ़ गया।

2024 kakolat waterfall Ke Jharna की महत्वपूर्ण बातें

काकोलत जलप्रपात को kakolat falls ektara bihar के नाम से भी जानते हैं ।

काकोलत जलप्रपात kakolat waterfall kahan hai नवादा जिला में स्थित है,

काकोलत वाटरफॉल की धरती से कुल ऊंचाई करीब 46 मीटर है।

बिहार का यह लोकप्रिय झरना आपको 160 Feet की ऊंचाई से गिरता है

काकोलत वाटरफॉल काकोलत की पहाड़ी पर स्थित है।

kakolat waterfall ticket price 2024 में अंदर जानें के लिए तीर्थयात्री से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता है।

ककोलत जलप्रपात kakolat falls open or closed 2024 खुलने का समय आपको प्रातः 6 AM से संध्या 5 PM तक।

ककोलत जलप्रपात से जुडी हिंदू मान्यता Kakolat falls se judi hui hindu manyata

kakolat waterfall in hindi से जुड़ी कई हिन्दू पौराणिक वं कथा है.ऐसा माना जाता है कि माँ शक्ति सप्तशती हिन्दू ग्रंथ के मार्कण्डेय ऋषि ककोलत वन में ही रहते थे.इससे जुड़ी एक और पौराणिक कथा प्रचलित हैं, जिसमे यह कहागया है कि एक बार नृप राजा को सर्प होने का श्राप एक ऋषि द्वारा दी जाने के कारण वे सर्प बन गए थे, तब नृप राजा मार्कण्डेय ऋषि के पास पहुंचे थे।

और वही इस झील में मार्कण्डेय जी प्रसन्न हो कर इस ककोलत नामक झील kakolat waterfall hot  में स्नान करवा ,उस श्राप से मुक्ति दिलाई थी।और तभी से लोग इस ककोलत जलप्रपात में प्रत्येक वर्ष वैशाखी के अवसर पर स्नान कर खुद को सर्प योनि में जन्म लेने से मुक्ति के लिए यहाँ भारी संख्या में लोग आ कर स्नान करते हैं।

द्वापरयुग वेद व्यास द्वारा लिखित महाभारत में वर्तमान में ककोलत जलप्रपात से मशहूर स्थान को वर्णित कांयक वन कहा गया है।इसी स्थान पर पांडुओ को वनवास के समय दर्शन दिये थे। इससे जुडी एक और आम कथा प्रचलित हैं, जिसमें एक औरत अपने बीमार पति को यहां रोज स्नान करवाती थी जिसके बाद उसका पति हमेशा के लिए निरोग हो गया ।

ककोलत जलप्रपात के पास होने वाले उत्सव

काकोलत जलप्रपात kakolat waterfall timings 2024 के पास में आपको कई सारे धार्मिक स्थल मिल जाएंगे। जहा पर बडी धूम धाम से कई उत्सव मनाये जाते हैं। इन सभी उत्सवों में आपको वैसाखी, चैत संक्रांति आदि का त्यौहार शामिल हैं।

ककोलत झरना के आसपास प्रमुख दर्शनीय स्थल kakolat waterfall Near Tourist attraction place

यहां पर्यटकों को ककोलत झील के अलावा खूबसूरत सात पर्वत श्रृंखल ,घने वन जो छोटा सा है, औऱ कई पौराणिक मन्दिर तथा अप्रैल माह में वैशाख और बिहारी पर्व सतुआन के अवसर पर एक विशाल मेला लगती हैं, जिसे यहां के लोग आमभाषा में सतुआनी मेला’ कहते हैं।

rajgir to kakolat falls distance ,kakolat falls on which river जलप्रपात के नाम सर से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2003 में 5 रु का डाक टिकट भी जारी किया था।

काकोलत जलप्रपात 2024 कैसे पहुंचे | kakolat waterfall Location

काकोलत जल प्रपात आपकों बिहार राज्य और राज्य झारखण्ड के बॉर्डर के समीप ही दक्षिण बिहार के नवादा जिले में स्थित है। हालाकि यह नवादा जिला मुख्यालय से करीब 32.8 किमी. की दूरी पर है. जहाँ पहुँचने के लिए सबसे पहले आपको वर्तमान समय में कुछ उबड़ खाबड़ ग्रामीण शहरी इलाकों के सडकों का सामना भी करना होगा। वैसे अब राज्य सरकार ध्यान दे रही है और काम कर रही है।kakolat waterfall ki lambai

ककोलत जलप्रपात पहुंचने के लिए आपको पटना एयरपोर्ट या kakolat falls nearest railway station तथा बस स्टेन से आपको वहा तक बस के मध्यम से आना होगा। नवादा से पटना के बीच की सड़क मार्ग द्वारा कुल दूरी 140 किलोमीटर है। जिसे तय करने में करीब करीब साढ़े चार घंटे का समय लगता है. इस के अलावा आप रेलवे मार्ग से भी गया रेलवे स्टेशन आकर वहा से पुनः बस या टैक्सी पकड़ कर जा सकते हैं। गया रेलवे स्टेशन से काकोलत जलप्रपात  जाने में करीब करीब दो घंटे का समय लगता है।

निष्कर्ष :

काकोलत kakolat waterfall places की पहाड़ियों में कई सारे हाईकिंग इलाके हैं, जहा तीर्थयात्री झरने के आधार पर बने जलाशय में नहाते हैं वैसे यह अन्य जल प्रपात अपेक्षा सुगम है। यहां आपको कई छोटे बड़े सभी धर्म के मंदिरो के दर्शन भी मिल जायेंगे। यह kakolat waterfall is open or not काकोलत जलप्रपात कई सारे मामलो में सुकून का अनुभव प्रदान करता है।

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