Ram Temple Consecration: 590 वर्ष की लंबी प्रतीक्षा के बाद, मर्यादा पुरुषोत्तम राम लौटेंगे अयोध्या!

Ayodhya Ram temple consecration ceremony: करीब 500 वर्षो के लंबी प्रतीक्षा के बाद में आज श्री राम मन्दिर का निर्माण पूर्ण होने वाला है. और उस भव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की भी घड़ी आ गई है. और इसे देखते हुए मर्यादा की प्रतिमान प्रभु श्री राम की स्वागत की तैयारी के लिए पूरे देश में एक अलग ही उमंग हैं तो वहीं दूसरी ओर अयोध्या‌ भी सज धज कर तैयार हो रही है.

Ram Temple Consecration: 590 वर्ष की लंबी प्रतीक्षा के बाद, मर्यादा पुरुषोत्तम राम लौटेंगे अयोध्या!
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अयोध्या‌ नगर का हर एक कोना इस समय राममय तथा रामधुन से सराबोर है. हजारों के संख्या में लोग दिन रात एक कर आयोध्या को सजा रहे हैं क्यों कि अब उदघाटन समारोह कम दिन ही रह गए है जब प्रभु श्री राम अपने बाल रूप में ram mandir inauguration time मंदिर के गर्भगिरह में विराजेंगे.

राम मंदिर के बारे में डिटेल: Ram temple consecration in Ayodhya

ram temple consecration in ayodhya
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Maryada Purushottam Ram: हिंदू धर्म ग्रंथो मे ऐसा कहा गया है कि मानव जीवन एक जीवन है. जहा पर हर किसी को अपना-अपना संघर्ष को जीना पड़ता है. समय के कालचक्र से आजतक कोई नहीं बच सका है  यहां तक कि, भगवान श्री राम को भी प्रतीक्षा कराती है. हालाकि कलयुगी वनवास के पश्चात 22 जनवरी, 2024 को हम सभी के आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपने घर Ram temple consecration अयोध्या लौटे आएंगे, जिसके लिए उन्हेने करीब 550 वर्ष प्रतीक्षा की है.

यह प्रतीक्षा ही मानव को मानव जीवन को बनाए रखने के लिए उम्मीद जगाती है और यही प्रतिमान और त्याग भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम बनाती है. मर्यादा के प्रतिमान प्रभु श्री राम की स्वागत की तैयारी जोर सोर से चल रही है और अयोध्या‌ नगर सज धज कर सुसज्जित हो रही है. देश का कोना-कोना राममय तथा रामधुन से पुरी तरह से सराबोर है. और इसके लिए बहुत ही दिन कम अब रह गए है जब हम सब के आराध्य राम अपने बाल रूप में Ram temple consecration date मंदिर के गर्भगृह में विराज मान होंगे.

छपरा की रहने वाली स्वाति मिश्रा ने अपने खुबसूरत गीत  ‘राम आयेंगे तो अंगना सजाऊंगी’ के जरिए पूरी दुनिया में फैले हुुए करोड़ों राम भक्तों को एक लय में जहा पिरोया है तो वहीं दूसरी ओर उनके भावनाओं को भी श्री राममय बनाने में एक बहुत बड़ा योगदान दिया है, वैसे सभी लोग जो अयोध्या में भगवान श्री राम के स्वागत के प्रतीक्षा में हैं,Ram temple consecration

बेहद उत्साहित और आकांक्षी हैं. दुनिया भर में फैले हुए रामभक्त प्राण प्रतिष्ठा और दिव्य राम मंदिर उद्घाटन समारोह का साक्षी बनना चाहते है,, अब वह पल और वह अब दूर नही रहा है, जो कि सबकी प्रतीक्षा का समय को निर्धारित करती है.

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा और उद्घाटन: Ram temple consecration time

Ram temple consecration ceremony मकर संक्रांति का पर्व अब बीत चुका है और राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई कार्यक्रम वधिवत व शावश्वत ढंग से 16 जनवरी 2024 से आरंभ हो चुका है जिसका यजमान अनिल मिश्रा को बनाया गया हैं वही आगामी 22 जनवरी, 2024 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को मुख्य यजमान बनाया गया हैं जो अयोध्या जा कर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के जरिए निर्माणाधीन श्री राम मंदिर के गर्भगृह में प्रभु रामलला के बाल स्वरूप में स्थापित किए जाएंगे.

राम मंदिर का इतिहास:new ram temple history

समय की मर्यादा को यहां देखिए स्वयं मर्यादा पुरुषोत्म राम को भी वक्त के नियम को पालन करना पड़ा. 590 वर्ष तक राम कभी टेंट तो कभी किसी दीवाल के बरामदे में रहे। लेकिन वो वक्त निकल चुका है भगवान राम अब अयोध्या में अपने भव्य और दिव्य अलौकिक Ram temple consecration में विराजमान होंगे, जिसकी प्रतीक्षा सालों से पूरी दुनिया के राम भक्त कर रहे हैं और उस पल की प्रतीक्षा केबल और केवल रामभक्त ने ही नहीं किया, बल्की खुद भगवान राम ने भी किया है. consecration of temple

हिंदु धर्म के तमाम धर्म ग्रंथो में यह उल्लेख मिलता है कि अयोध्या नामक नगर को श्री राम जी के पूर्वज सतयुग में वैवस्वत मनु ने स्थापित किया था. और डाकू से महर्षि बने वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण के अनुसार राम का जन्म अयोध्या नगरी में ही हुआ था और कई सालों तक श्री राम ने अयोध्या में ram temple details राज को स्थापित करके शासन किया और आखिर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने सरयू नदी में अपने भाइयों संग जल समाधि ले ली थी.

पहली बार राजा विक्रमादित्य ने बनवाया था राम मंदिर:

पौराणिक धर्म ग्रंथो के अनुसार समय बीताता गया और त्रेता युग फिर द्वापर युग खत्म हुआ अयोध्या नागरी पर उज्जयिनी के ram mandir temple cost राजा विक्रमादित्य एक बार आखेट करने के लिए पहुंचे, तो उन्हें राम जन्म भूमि जमीन पर कुछ चमत्कारिक सा कोइ चीज घटित होते हुए दिखा. जिसके बाद में कौतुलह वेश राजा विक्रमादित्य ने उस भूमि को लेकर इतिहास को खंगलवाया तथा स्मपूर्ण खोज कराए, Ram temple consecration completion date

और जब उन्हें उस भूमि पर भगवान श्री राम के होने के साक्ष्य मिल गए, तो उसके बाद उन्होंने यहां काले रंग के कसौटी पत्थरों से एक विशाल और खुबसूरत 84 स्तंभ वाले श्री राम मंदिर का निर्माण करवाया था, जिसके बाद से वहां हर रोज विधिवत तरीके से भगवान राम की पूजा अर्चना होती रहती थी. consecration of ram temple

राम मंदिर कब और किसने तोड़ा: Ram temple consecration update

लेकिन साल 1526 के आसपास में भारत आए आक्रांता मुगल शासक बाबर के आदेश पर सेनापति मीर बाकी ने श्री राम जन्मभूमि पर बने भव्य प्राचीन श्री राम Ram temple consecration को ध्वस्त कर वहां पर एक बाबरी मस्जिद को बनवाया गया और ऐसा कहा जाता हैं कि बाबर के सेनापति ने बिहार अभियान के समय में अयोध्या के राम मंदिर को तुड़वाया था, और इन सभी बातों उल्लेख आपकों बाबर रचित बाबरनामा में भी देखने को मिल जाता है.

ASI द्वारा हुआ था पहली बार खुदाई: Ram temple consecration status

अयोध्या में निर्माणाधीन प्रभु श्री राम मंदिर की भूमि पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम से जुड़े साक्ष्यों को ढूंढने हेतु के  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने प्राचीन पुरातात्विक साक्ष्यों का विस्तार से अध्ययन करने के लिए साल 1978-79 साथ ही साल 2003 मिलाकर दो बार खुदाई की. बी बी लाल जी के नेतृत्व में जब पहली बार खुदाई हुआ था तो उस वक्त, टीम को हिंदू मंदिर के अवशेषों से बने हुए कई सारे मस्जिद के 12 स्तंभों मिली थी.

साल 1978 और 1979 में हुई खुदाई के समय में मिले पुरातात्विक सर्वेक्षण स्तंभों पर समृद्धि का पूर्ण कलश के चिह्न बने हुए थे, जो कि 12वीं तथा 13वीं शताब्दी के हिंदू मंदिरों में बनाए जाते थे. जिस प्राकार से मंदिर की विशेषताओं को बताया जाता हैं, वह सभी कुछ प्राप्त हुआ था साथ ही मनुष्यों और जानवरों के चित्र मिला था और कई अलग अलग टेराकोटा की मूर्तियां भी मिलीं.

खुदाई में प्राप्त हुआ था राम मंदिर होने का अवशेष:

वहीं, दुसरी बार जब साल 2003 की खुदाई हुआ था तो उस वक्त 50 से अधिक खंभे मिले थे जो हिंदु मंदिर के थे और तब लोगों को और ज्यादा बल मिला कि मस्जिद के नीचे पहले कभी एक विशाल हिंदु हिंदू मंदिर हुआ करता था. खुदाई के दौरान एक मंदिर प्रणाली, शिखर’ पिलर और अन्य कई सारी वास्तुशिल्प तत्वों की खोज की गईं थीं. टेराकोटा के अवशेष, देवी-देवताओं की खंडित मूर्ति तथा मानव और जानवर की भी आकृतियों मिली हुई थी जिसकी कुल 263 अलग अलग टुकड़े शामिल हैं, जहा  एक हिंदु मंदिर होने के सबूत मिले थे Ram temple consecration cost

राम मंदिर के पक्ष में आया था फैसला कोर्ट का: Ram temple consecration ceremony

खुदाई में प्राप्त हुऐ तमाम पुरातात्विक सबूतों की रोशनी तथा लंबी सुनवाई के बाद में देश की सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर, साल 2019 को एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक फैसला को सुनाया. और मन्नीनीय कोर्ट ने भी जन्मभूमि स्थल new ram temple ayodhya अयोध्या पर श्री राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में फैसला को सुनाया था.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ दिन के बाद में, भारत सरकार ने संसद भवन में लोक सभा कार्यवाही के समय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम का एक ट्रस्ट का गठन किया था, एक एसी ram janmabhoomi temple construction ट्रस्ट जो प्रभु राम मंदिर के निर्माण कार्य और अन्य चीजों की देखरेख के लिए सौंपी गई थी आपकों बता दें कि आधिकारिक तौर पर मार्च वर्ष 2020 में अयोध्या में परभू श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, और 5 अगस्त, साल 2020 को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी Ram temple consecration भूमि पूजन किया था।

FAQ:-

राम मंदिर निर्माण कब शुरू होगा?

Ram temple consecration वर्ष २०२० से शुरु हो चुका है।

राम मंदिर निर्माण कब पूरा होगा?

Ram temple consecration साल २०२५ तक पुर्ण हों जायेगा।

क्या अयोध्या में राम मंदिर था?

जी हां था।

क्या राम मंदिर का निर्माण पूरा हो गया है?

Ram temple consecration का अभी पूर्ण नही हुआ है २०२५ तक हो जायेगा।

अयोध्या में राम मंदिर किसने तोड़ा?

बाबर के सेनापति मीर बाकी ने।

निष्कर्ष:-

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