Swarved Mahamandir Dham: क्या हैं सात मंजिला स्वर्वेद मंदिर, जानें इसके बारे में

Swarved Mahamandir Dham Varanasi: आज हम आपको इस लेख में दुनियां के सबसे बड़े और सबसे ऊंचे योग यानी की आध्यात्मिकता मंदिर के बारे में जानकारी देने वाले है। जिसका उद्घाटन हाल ही में देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किया गया है. उस मंदिर का नाम स्वर्वेद महामंदिर है और इस मंदिर के नाम से ही यह पता चलता है, कि यह मंदिर आध्यात्मिकता से जुडी हुई एक मंदिर है.

Swarved Mahamandir Dham: क्या हैं सात मंजिला स्वर्वेद मंदिर, जानें इसके बारे में
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अर्थात स्वर्वेद महामंदिर स्वर्वेद को ही समर्पित मंदिर है. स्वर्वेद एक सनातन धर्म का आध्यात्मिक ग्रंथ है।स्वर्वेद महामंदिर उतर प्रदेष के बनारस शहर में स्थित हैं जिसका नीव सद्गुरु श्री सदाफल देवजी महाराज ने रखी थी. और इस मंदिर को बनाए जानें में 20 साल का समय लगा। आईए विस्तार से जानते हैं –

दुनिया की सबसे बड़ी योगा सेंटर: World’s Largest Yoga Center

स्वर्वेद मंदिर के बारे में पुरी जानकारी: Swarved Mahamandir Dham All’ information in Hindi

स्वर्वेद मंदिर के बारे में पुरी जानकारी: swarved temple All' information in Hindi
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Swarved Mahamandir Dham Varanasi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में एक ऐसा भव्य और आकर्षक अलौकिक तथा दिव्य सुंदर मंदिर बनकर तैयार हो गया है. जिसकी बनावट अपने आप में अद्भुत है और इसकी बनावट के साथ साथ यह मंदिर भी अनोखा मंदिर है यह मंदिर करीब सात मंजिला मंदिर है जिसको कमल के की आकृति को तरह बनाया गया है. इस मंदिर में किसी देवी देवता या भगवान की प्रतिमा स्थापित नहीं किया गया है।

बल्कि एक संत की मूर्ति स्थापित की गई है स्वर्वेद मंदिर धाम को बनाने में करीब 100 करोड़ रूपए की कुल खर्च  आयी है।swarved temple निमार्ण ट्रस्ट का यह कहना हैं कि यह मंदिर दुनिया भर का सबसे बड़ा ध्यान केंद्र है.जिसका उद्घाटन 17-18 दिसंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वाराणसी दौरे के दौरान किए थे।

इस भव्य और अलौकिक Swarved Mahamandir Dham का निमार्ण कार्य स्वर्वेद विहंगम योग संत समाज के द्वारा किया गया है. और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महामंदिर के 100वें वार्षिकोत्सव समारोह में शामिल हुऐ थे।

कौन है सदाफल महाराज:

Swarved Mahamandir Dham सदाफल देव जी महाराज स्वर्वेद ग्रंथ के रचितता हैं जिन्होंने विहंगम योग की स्थापना के किए थे,सदाफल देव जी महाराज का जन्म 19वीं सदी में हुआ था वे एक संत तथा आध्यात्मिक गुरु और एक महाविद्वान थे
भारत समेत दुनियां के कई देशों में संत सदाफल महाराज के बनावाये हुए कई सारे आश्रम हैं I

मंदिर का आध्यात्मिक तथा आधुनिक वास्तुकला

Swarved Mandir Inaugurated In Varanasi:  स्वर्वेद महामंदिर, के नाम में ही यह सब छुपी हुई है कि ये मंदिर एक आध्यात्मिकता मंदिर है. जो स्वर्वेद महामंदिर स्वर्वेद महा ग्रंथ को ही समर्पित है, आपकों बता दें स्वर्वेद महा ग्रंथ एक प्रकार का आध्यात्मिक ग्रंथ है.इस सुंदर सा स्वर्वेद महामंदिर की नींव साल 2004 में श्री सद्गुरु श्री सदाफल देवजी महाराज के द्वारा रखी गई थी। और तब से यह मंदिर करीब 20 सालों के बाद बनकर पुरी तैयार हुआ है।

swarved temple in varanasi: यह दिव्य मंदिर करीब 64 हजार वर्गफीट के विशाल क्षेत्र में बना हुआ है. जो कुल सात मंजिला मंदिर है। मंदिर के सभी अलग अलग दीवाल पर स्वर्वेद ग्रंथ के दोहे अंकित किए गए हैं. वहीं इस मंदिर का जो मुख्य गुंबद है, उसमे 125 पंखुड़ियों के खुबसुरत रमणीय नकाश्शी कर एक विशालकाय कमल पुष्प को अंकित किया गया है. जिसे देखते ही बन रहा है.

मंदिर ट्रस्ट के अनुसर इस महामंदिर के ध्यान केंद्र में एक बार में करीब एक साथ 20,000 से ज्यादा लोग ध्यान केंद्र यानी मैडिटेशन कर सकते हैं और
ऐसा विशाल और भ्व्य मैडिटेशन सेंटर दुनियां में और कहीं भी नहीं है।Swarved Mahamandir Dham

स्वर्वेद आध्यात्मिक मंदिर की मुख्य विशेषताएं

• यह swarved temple varanasi पूरी दुनिया का सबसे बड़ा ध्यान केंद्र बन गया हैं.

• मन की चेतन आनंद सत्ताओं को जानने हेतु इस मे एक अनुसंधान का केन्द्र भी है।

• इस Swarved Mahamandir Dham का सुपर-संरचना 7-स्तरीय संरचना है।

• इस मंदिर का दीवार ख़ासकर मकराना संगमरमर पत्थर से बना हुआ है जिसपे 3137 स्वर्वेद छंद उत्कीर्ण हैं।

•इस Swarved Mahamandir Dham का निमार्ण कार्य 64 हजार वर्गफीट में हुआ है तथा जिसकी ऊंचाई करीब 180 फीट है।

•यह मंदिर सात मंजिला हैं जो कि दुनिया का सबसे बड़ा मेडिटेशन सेंटर भी है।

•इस swarved maha mandir में एक बार में करीब 3000 लोग बैठ कर एक साथ प्राणायाम और योग कर सकते हैं।

•इस Swarved Mahamandir Dham की बाहरी दीवारों पर 4000 वेदों से जुड़े दोहे अंकित किए गए हैं.और साथ ही उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता जैसे धार्मिक ग्रंथ से जुड़े चित्र भी बनाए गए है I

•इस मंदिर का निमार्ण कार्य गुजरात के GRC तकनीक के द्वारा किया गया है।

•पूर्व दिशा की ओर प्रवाहित होने वाली नहर जल राशि के स्व रूप को भी स्थापित किया गया है।

•इस World’s Largest Yoga Center में एक बार में करीब 20,000 से अधिक लोग एक साथ बैठकर मेडिटेशन कर सकते हैं।

• इस मंदिर का सबसे सुन्दर भाग इसका मुख्य गुम्बद है जो 125 पंखुड़ी वाला एक कमल पुष्प के आकार का गुंबद है।

Swarved Mahamandir Dham का नीव रखने वाले सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज के पूरे जीवन काल पर एक यांत्रिकी प्रस्तुति दी गई है।

•इस अध्त्यम मंदिर में सामाजिक कुरीतियों से जुड़ा तथ्य और सामाजिक बुराइयों से जुड़े हुए पहलू के उन्मूलन को भी शामिल किया गया है।

•ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगो को ध्यान में रखकर उनके लिए अनेक प्राकार के सामाजिक-सांस्कृतिक का परियोजनाओं का केंद्र स्थापित किया गया है।

•आध्यात्मिकता और योग के शिखर से प्रेरित हैं – स्वर्वेद महा मंदिर।

•भारतीय विरासत की पहचान को बनाएं रखने और झलक को दर्शाने हेतु जटिल नक्काशीदार बलुआ पत्थर की इस्तेमाल कर निमार्ण कार्य किया गया है।

swarved mandir के बाहरी दीवारों के चारों तरफ़ राजस्थान गुलाबी बलुआ पत्थर की शानदार सजावट किया गया है।

• मंदिर परिसर में औषधीय जड़ी-बूटियों का एक उत्तम उद्यान भी है।

स्वर्वेद महामंदिर का आध्यात्मिक महत्व:Swarved Mahamandir Dham

स्वर्वेद महामंदिर का एक मात्र उद्देश्य है कि आने वाले उन सभी मानव जाति को अपनी शानदार आध्यात्मिक शक्ती और उसकी महामंत्र के आभा से रोशन करना तथा सारी दुनिया को शांतिपूर्ण जीवन ओर आकर्षित कर उन्हें स्वस्थ्य रहन सहन ओर केंद्रित करना है. सही मायने में यदि कहा जाएं तो आध्यात्मिक जिज्ञासा का उदय और उसकी शक्ती वर्तमान तथा भविष्य की मानव जाति की पीढ़ियों को दुनिया की अस्तित्व के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करेगा।

और इस प्रकार उन सभी लोगों को एक सामान्य मानवता के शांति रूप में प्रगति करने तथा मार्ग दर्शन करने की अनुमति मिलती है. इसके अतिरिक्त इस मंदिर बनाने का एक और उद्देश्य है जो आजकल के तीव्र घृणा विचार  व आम लोग से शत्रुता से भरे विचार के इस युग को दुर रखें और Swarved Mahamandir Dham जाने वाले हर व्यक्ति को ये प्रेरणा, शांति तथा सद्भाव के साथ एक अपूरणीय स्रोत के रूप में अपने घर लौटे।

स्वर्वेद मंदिर से जुड़ा पूछा जानें बाला प्रश्न:

विहंगम योग प्राचीन योग पद्धति के संस्थापक कौन हैं?

सदाफल महाराज जी।

योग सेंटर स्वर्वेद मंदिर का उद्घाटन किसने और कहाँ किया गया हैं?

दुनिया के सबसे बड़े योग सेंटर स्वर्वेद मंदिर का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा बनारस में किया गया है.

स्वर्वेद मंदिर में कौन सा भगवान की पुजा की जाती है।

स्वर्वेद मंदिर में किसी भी भगवान का प्रतिमा स्थापित नहीं हैं और नहीं किसी भगवन की पुजा होती हैं बल्कि यह एक आध्यात्मिक का मंदिर है। जहा ध्यान केंद्रित किया जाता हैं।Swarved Mahamandir Dham

स्वर्वेद मंदिर कहा स्थित हैं?

Swarved Mahamandir Dham उत्तर प्रदेश के बनारस में स्थित हैं।

स्वर्वेद क्या होता है।

स्वर्वेद एक ग्रंथ है जिसकी रचना सदाफल महाराज जी ने किया था।

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